प्रधानाध्यापक कुंज बिहारी तिवारी द्वारा इस नियम का न खुद समय का पालन किया गया और न ही स्टाफ से इस नियम का पालन करवाया गया.

हमारे गांव की सड़क कच्ची है और इस स्कूल में कई दिव्यांग बच्चे भी पढ़ते हैं जो कि दूर के स्कूल में जाने में असमर्थ हैं.