आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण कर्ज लेकर तुरंत उसे फर्रुखाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

घटना की जानकारी होने के बाद परिवार में मातम पसर गया तो वहीं शिक्षकों में भी शोक की लहर दौड़ गई है.

इस सम्बंध में शिक्षकों की मदद की जाए और खंड शिक्षाधिकारी पर कार्रवाई की जाए. तो दूसरी ओर इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है.