न पूछो प्यास मिट्टी की, जो बरसें प्रेम की बूंदें, चटकती भूमि के भीतर मिलन की भोर हो जाए…” सुनाकर श्रोताओं को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया.

इस हादसे में एक महिला, एक पुरुष और तीन बच्चों की दुखद मौत हो गई है. फिलहाल घायलों की स्थिति स्थिर बनी हुई है.