एक दिन वह किसी साहूकार के घर पर लकड़ी पहुंचाने के लिए गया था. वहां जाकर उसने देखा कि किसी उत्सव की तैयारी बहुत जोर-शोर से की जा रही है.
मकर संक्रांति के दिन विधिपूर्वक भगवान सूर्यदेव की पूजा-अर्चना करने से परिवार में खुशहाली बनी रहती है.
जानकी मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राम रोशन दास जी महाराज ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि त्रेता युग में प्रभु श्री राम और माता जानकी का विवाह इसी पवित्र स्थान पर हुआ था.
इसके अलावा इस दिन किसी की बुराई, परनिन्दा, चोरी, दूराचार, ब्राह्मणद्रोही, नास्तिक आदि की बातें नहीं करना चाहिए, अगर भूल से कोई गलती हो जाती है तो सूर्य के सामने स्थित होकर प्रार्थना करनी चाहिए.
एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते भी नहीं तोड़ने चाहिए. शास्त्रों में कहा गया है कि अगर आपको तुलसी के पत्ते चाहिए, तो एक दिन पहले ही तोड़ कर रख लें. मान्यता है कि भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल का होना जरूरी है.
रात में घर में झाड़ू नहीं लगानी चाहिए. माना जाता है कि झाड़ू माता लक्ष्मी का प्रतीक है. इसलिए सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना अशुभ होता है।
हमीरपुर जिले का सम्मू गांव जिला मुख्यालय से 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
अगर घर में खींचातानी हो या दुकान में बरकत नहीं हो तो हर रविवार को एक लोटे में जल भर कर 21 बार गायत्री मन्त्र…
ब्रह्मपुराण के अनुसार कार्तिक अमावस्या की अर्धरात्रि में माता लक्ष्मी खुद ही धरती पर आती हैं और प्रत्येक सद्गृहस्थ के घर पर वितरण करती हैं।
दीपावली की रात मुख्य दरवाजे के बाहर दोनों तरफ 1-1 दीपक गेहूँ के ढेर पे जलाएं और कोशिश करें की दीपक पूरी रात जले। आपके घर में सुख समृद्धि की वृद्धि होगी।