शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ लगातार अपमानजनक टिप्पणी की जा रही हैं.

इस ऐतिहासिक पल के वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही है तो वहीं इस खास मौके पर राम मंदिर दूधिया रोशनी से नहाया हुआ दिखाई दे रहा है.

एडीएम सिटी योगानंद पांडे ने इसको लेक स्पष्ट किया कि रावण दहन इस बार गैर पारंपरिक रूप में होना था, इसलिए इसे अनुमति नहीं दी गई है.

ससुर बृजलाल की पहले ही मौत हो चुकी है और सास 3-4 महीने से कैंसर से जूझ रही है और वह भी कई दिनों से बीमार चल रही हैं.

ईश्वरीय संयोग से मैं जिस समय रामसेतु के दर्शन कर रहा था, उसी समय मुझे अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक के दर्शन का भी सौभाग्य मिला।