‘हे वासुदेव! अनंत संसाररूपी महासमुद्र में मैं डूब रही या रहा हूं। आप मेरा उद्धार करें, साथ ही अपने अनंतस्वरूप में मुझे भी आप विनियुक्त कर लें। हे अनंतस्वरूप! आपको मेरा बारम्बार प्रणाम है।

व्रत करने वाली महिलाएं रात्रिकालीन चार प्रहर की पूजा भी करती हैं और सुबह विसर्जन, दान, पुण्य करने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है.

माता देवकी तो उनको लाला ही कहा करती थीं तो ब्रज की गलियों में लाला ही उनको कहा जाता है और मुरारी नाम से भी लोग बुलाते हैं.