संसार की सम्पूर्ण विद्याएं गुरु की कृपा से ही प्राप्त होती है। इस पर्व को श्रद्धा भाव से करें अंधविश्वास के आधार पर नहीं। क्योंकि गुरु की दी हुई विद्या सिद्ध और सफल होती है।
इस व्रत के प्रभाव के बारिश जरूर होगी. यह उपाय सुनने के बाद राजा वापस अपने राज्य में लौट आए और फिर चारों वर्णों के साथ मिलकर इस एकादशी का विधि पूर्वक व्रत किया
हे जगन्नाथ जी। आपके निद्रित हो जाने पर सम्पूर्ण विश्व निद्रित हो जाता है और आपके जाग जाने पर सम्पूर्ण विश्व तथा चराचर भी जाग्रत हो जाते हैं।
माता गिरिजा की प्रतिमा चतुर्भुजी हैं। उनके हाथों में शंख्, रूद्राक्ष माला के साथ ही खड्ग है। तो उनको शरीर पर वस्त्र का सूक्ष्म अंकन है।
Ganga Dussehra 2025: “गंग सकल मुद मंगल मूला…” 5 जून को गंगा दशहरा; करें इन चीजों का दान, जानें महत्व
Ganga Dussehra 2025: “गंग सकल मुद मंगल मूला…” 5 जून को गंगा दशहरा; करें इन चीजों का दान, जानें महत्व
गंगा दशहरा पर रवि और सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बनने की वजह से यह दिन और भी लाभकारी हो गया है.
9 जून से लेकर 1 नवंबर 2025 तक विवाह के शुभ मुहूर्त नहीं हैं.
इस साल मई में ही अधितकम तापमान 40.6 डिग्री तक पहुंच गया है. ऐसे में मौसम विभाग ने आने वाले नौतपा को लेकर कहा है कि इन दिनों में और भी भीषण गर्मी के आसार हैं.
विशाल स्वरूप और छांव वाला होता है उसी तरह से पति की उम्र भी विशाल होती है और पति स्वस्थ्य रहते हैं. इस व्रत को सुहागिन महिलाओं के साथ ही अविवाहित कन्याएं सुयोग्य वर के लिए कर सकती हैं.
वह प्रतिदिन वृंदावन में अपने निवास स्थान से तड़के 2 बजे पदयात्रा करते हुए नंगे पांव श्री हित राधा केली कुंज जाते हैं.
एक राजा का पुत्र बहुत ही दुराचारी था। इस पर राजा ने दुखी होकर उसे घर से निकाल दिया।