इस दिन जरूरतमंद लोगों को या फिर योग्य ब्राह्मण को ऊनी वस्त्र, कंबल आदि व जूते-चप्पल का दान करना चाहिए. इससे पितृ दोष शांत होता है और संतान से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं.
इस दिन घर की साफ-सफाई कर सुबह ही स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
चरण शरण में आए के, धरु तिहारो ध्यान, संकट से रक्षा करो, हे महावीर हनुमान.
हनुमान जयंती पर हनुमानजी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसमें दो लौंग रख दें. इसके बाद दीपक से हनुमानजी की आरती उतारें.
माघी पूर्णिमा को प्रातः स्नान आदि के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें। फिर पितरों का श्राद्ध कर निशक्तजनों को भोजन, वस्त्र, तिल, कंबल, कपास, गुड़, घी, जूते, फल, अन्न आदि का दान करें।
दीपावली की रात मुख्य दरवाजे के बाहर दोनों तरफ 1-1 दीपक गेहूँ के ढेर पे जलाएं और कोशिश करें की दीपक पूरी रात जले। आपके घर में सुख समृद्धि की वृद्धि होगी।
टूटी हुई वस्तुएं असफलता और दुर्भाग्य को आकर्षित करती हैं। इसलिए दिवाली पर इसका भी दान न करें।
इस त्योहार से पहले लोग अपने-अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं और मां लक्ष्मी जी के साथ ही गणेश भगवान का पूजन करते हैं.
ज्योतिष आचार्य के मुताबिक, नरक चतुर्दशी यानी छोटी दीपावली की शाम को भी दीपक जलाने चाहिए.
करवा चौथ के त्योहार को लेकर हर सुहागिनों का मन उमंग से भरा होता है. इस त्योहार के कई दिन पहले से ही सुहागिनें खरीदारी शुरू कर देती हैं.