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यदि हमें अपने करियर औऱ रिश्तों पर विचार करने के फैसले को लेने की आजादी नहीं होगी तो फिर पूरी तरह से हम आजाद महसूस नहीं कर पाएंगे.

तो वहीं इसमें लगी पांच गांठें ब्रह्म, धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के साथ ही पांच ज्ञानेंद्रियों की प्रतीक मानी गई हैं. जनेऊ को बाएं कंधे के ऊपर और दाईं भुजा के नीचे पहना जाता है.

Reservation Hatao Andolan: धीरे-धीरे आरक्षण के खिलाफ आवाज बुलंद होने लगी है. अब हर कोई आरक्षण हटाओ के नारे लगा…

Kanpur: चंद्रशेखर आजाद जन कल्याण समिति भारत द्वारा भारत छोड़ो आंदोलन के 101 वर्ष पूरे होने पर उत्तर प्रदेश के…

साधक भगवान शिव का ध्यान करते हुए केवल इस स्तोत्र का ही श्रद्धापूर्वक पाठ करे, तो वह भोलेनाथ को प्रसन्न कर सकता है.

सत्यान्श वर्ष 2023–24 सत्र में प्रो. प्रीति अवस्थी (Awadh Girls’ PG College) के निर्देशन में अपना शोध कार्य कर रहे हैं।

एक प्रेरणादायक उदाहरण है तथा यह संदेश देती है कि अनुशासन, कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयास के माध्यम से बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।