जब उसने अपनी समस्या हंस खेड़ा चौकी इंचार्ज के सामने रखी, तो उन्होंने मदद करने के बजाय उसे धमकी दी.
घर से बाहर निकलते वक्त सिर को टोपी, गमछे या छाते से कवर करें।
यही नहीं उन्होंने ऐसे मामलों में फांसी की सजा तक का प्रावधान करने की मांग की है।
प्रत्येक विभाग को न्यूनतम चार मल्टीडिसीप्लिनरी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए हैं, जिससे विद्यार्थियों को बहुविषयक शिक्षा का अवसर मिल सके।
विश्वविद्यालय और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड मिलकर जागरूकता, शोध और नवाचार के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में सार्थक कार्य करेंगे।
चालक और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है और वह मौत व जिंदगी के बीच जंग लड़ रहे हैं.
गंभीर हालत में मुकेश को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मुकेश अपने चार भाइयों में सबसे छोटे थे.
इस पूरे मामले को लव जिहाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है और आरोपी बदरे की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की जा रही है.
पहले भी प्रदेश के अन्य जिलों में पुलिस कर्मियों को ऐसे मामलों में निलंबित किया गया है.
इस दौरान पूछताछ में पुलिस को मृतक की पत्नी पर शक हुआ. उससे जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने पूरा घटनाक्रम स्वीकार कर लिया.