एमबीए एकीकृत एवं एमटेक एकीकृत को सत्र 2025-26 में पाठ्यक्रम पूरा करने की अनुमति दी गयी है.

गिरोह का सरगना चंडीगढ़ निवासी कपिल वर्मा है और उसने ही ट्रक में शराब लोड कराई थी. इस शराब को बिहार के विभिन्न जनपदों में पहुंचाना था.

विकलांगता से जुड़े मुद्दों की समझ को बढ़ावा देना और दिव्यांग लोगों के अधिकारों, उनके कल्याण और सम्मान के लिए समाज का व्यापक समर्थन एकत्र करना है.

नसबंदी की सेवा अपनाने वाले पुरुष को 3000 रुपये तथा प्रेरक को प्रति लाभार्थी 400 रूपये मिलते हैं. पुरुष नसबंदी, महिला नसबंदी की अपेक्षा काफी आसान है.