स्कूल के शिक्षकों का कहीं पता नहीं है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा है और अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को शिक्षा देने के बजाय उनसे सफाई करवाई जा रही है।

ये भी बताया गया है कि अगर आने वाले समय में एक-एक कर सभी सरकारी स्कूल, सरकार अस्पताल आदि बंद कर दिए जाएंगे तो आर्थिक रूप से कमजोर मजदूर, किसानों के बच्चे कहां पढ़ेंगे और कैसे इलाज कराएंगे.