विशाल स्वरूप और छांव वाला होता है उसी तरह से पति की उम्र भी विशाल होती है और पति स्वस्थ्य रहते हैं. इस व्रत को सुहागिन महिलाओं के साथ ही अविवाहित कन्याएं सुयोग्य वर के लिए कर सकती हैं.

वह प्रतिदिन वृंदावन में अपने निवास स्थान से तड़के 2 बजे पदयात्रा करते हुए नंगे पांव श्री हित राधा केली कुंज जाते हैं.

यह मंगल ग्रह की ऊर्जा को बढ़ाता है और आप अगर नौकरी या फिर कोई प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आपके प्रयासों में सफलता लाता है।

इस दिन मां सरस्वती को पीले रंग के वस्त्र धारण करा कर पीले रंग की ही मिठाई का भोग लगाना चाहिए. बेसन के लड्डू, मालपुआ, केसर का हलवा आदि का भोग लगाना शुभ माना जाता है.