उसे इस हत्या के मामले में फंसाया गया था. अजय दावा करते हैं कि इस बात को केवल वही नहीं चंदला के सभी लोग जानते हैं.
श्रीललित विस्तार ग्रंथ के 21 वें अध्याय के 178 पृष्ठ पर बताया गया है कि संयोगवश गौतम बुद्ध जी ने उसी स्थान पर तपस्या की जिस स्थान पर भगवान बुद्ध ने तपस्या की थी।
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भले ही भोजन न करें. इस दिन सत्तु बांटने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है.
2026 में यह यात्रा 3 जुलाई को शुरू होगी और 28 अगस्त तक चलेगी.
केवल सात्विक भोजन करें. साथ ही मांसाहार और नशीली वस्तुओं को भी पूरी तरह से एकादशी पर प्रतिबंधित करें.
हनुमान चालीसा में इस बात का उल्लेख मिलता है कि वह माता सीता को अपना गुरु मानते थे.
वीरता में हनुमान जी का किसी से कोई मुकाबला नहीं. भगवान शिव के अवतारी कहे जाने वाले राम भक्त हनुमान जी के नाम पर ही भारत सरकार वीरता का सर्वोच्च पुरस्कार महावीर चक्र नामक स्वर्ण पदक भी देती है.
हनुमान जयंती पर घर की साफ-सफाई कर सुबह ही स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है.