इस दिन पानी के घड़े, पंखे, खाँड के लड्डू, पादत्राण (जूते-चप्पल), छाता, जौ, गेहूँ, चावल, गौ, वस्त्र आदि का दान पुण्यदायी है। परंतु दान सुपात्र को ही देना चाहिए।

आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि इस दिन दिन गंगा स्नान और पूजन का बड़ा भारी माहात्म्य है, जो मनुष्य इस दिन गंगा में स्नान करता है, वह निश्चय ही सारे पापों से मुक्त हो जाता है।

ज्योतिषियों की मानें तो अक्षय तृतीया के दिन किसी को उधार न दें। आसान शब्दों में कहें तो किसी से लेन-देन न करें। इस दिन लेन-देन करने से मां लक्ष्मी दूसरे घर चली जाती हैं।

हनुमान जयंती पर हनुमानजी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसमें दो लौंग रख दें. इसके बाद दीपक से हनुमानजी की आरती उतारें.

प्रचलित कथा के मुताबिक मान्यता है कि किसी समय भद्रावती नगरी में सुकेतु नाम का राजा अपनी पत्नी शैव्या के साथ राज करता था.