इसके अलावा इस दिन किसी की बुराई, परनिन्दा, चोरी, दूराचार, ब्राह्मणद्रोही, नास्तिक आदि की बातें नहीं करना चाहिए, अगर भूल से कोई गलती हो जाती है तो सूर्य के सामने स्थित होकर प्रार्थना करनी चाहिए.
एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते भी नहीं तोड़ने चाहिए. शास्त्रों में कहा गया है कि अगर आपको तुलसी के पत्ते चाहिए, तो एक दिन पहले ही तोड़ कर रख लें. मान्यता है कि भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल का होना जरूरी है.
आपको माता लक्ष्मी दें इतना, दिन रात व्यापार बढ़ जाए दोगुना, भगवान विष्णु की भी बनी रहे कृपा, कुबेर जी आपके बैंक-बैलेंस को कर दें कई गुना.
इस पर भगवान ने किसान से कहाकि इन्हें कौन जाने देता है. लेकिन ये तो चंचला हैं, कहीं ठहरती ही नहीं है. इनको बड़े-बड़े नहीं रोक सके. इनको मेरा श्राप था.
मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह। त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम।।
धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति खरीदना बेहद शुभ होता है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है।
इस एकादशी को तुलसी एकादशी भी कहते हैं। ये तो सभी जानते हैं कि तुलसी पौधे की महिमा वैद्यक ग्रंथों के साथ-साथ धर्मशास्त्रों में भी बढ़-चढ़कर की गई है।
कई दिनों के रखे हुए खोए को गरम कर उसे ताजा बनकर बेच दिया जाता है.
इसकी शुरुआत सरगी खाकर होती है. हालांकि कई जगहों व परिवारों में सरगी खाने की परम्परा नहीं देखी जाती है.
मीन राशि के स्वामी बृहस्पति देव हैं। बृहस्पति का शुभ रंग पीला होता है। ऐसे में आप अपनी पत्नी को पीले रंग के गिफ्ट दे सकते हैं।