मेडिकल इंश्योरेंस एवं ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. उन्होंने बताया कि इनका चयन कंपनी के प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर डिवीजन के लिए किया गया है.

विश्वविद्यालय की ओर से लगातार छात्रों को ट्रेनिंग कराने के साथ ही कैंपस प्लेसमेंट का आयोजन किया जा रहा है। जिससे अधिक से अधिक छात्र रोजगार पा सकें।

रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि जितनों के पास काम है, उनमें से 46% के खेती-बाड़ी से जुड़े हैं. इसके बाद 12.2% लोग ट्रेड, होटल या रेस्टोरेंट से जुड़े थे. तो दूसरी ओर 12% लोग कंस्ट्रक्शन से और 11.4% मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में काम कर रहे हैं.

लखनऊ। उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र लखनऊ मनोज चौरसिया ने बताया कि सरकार द्वारा अधिकाधिक स्वरोजगार/रोजगार सृजन…