2016 की राजाज्ञा से आच्छादित शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने, वंचित तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण आदि प्रमुख मांगे सम्मिलित है।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ लगातार अपमानजनक टिप्पणी की जा रही हैं.