इस बार जन्माष्टमी पर बन रहे दुर्लभ योग से मेष राशि के जातकों को हर क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ने की सम्भावना है.
इसी के साथ ही प्रेमानंद महाराज ने लोगों को संदेश दिया कि यदि वास्तव में जन्माष्टमी को उत्सव की तरह मनाना चाहते हैं, तो वृंदावन आकर मनाएं।
Janmashtami-2025: जन्माष्टमी व्रत और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के दौरान…जानें क्या करें और क्या न करें
Janmashtami-2025: जन्माष्टमी व्रत और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के दौरान…जानें क्या करें और क्या न करें
इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि करने के बाद मन में व्रत का संकल्प लें।
जीवन में भाई-बहन का साथ कभी न छूटे
चाहे जमाना या जग रूठे
इस विधि से ये विशेष रक्षासूत्र बांधने से भाई के साथ ही घर-परिवार को बुरी नजर नहीं लगती और भाई या फिर जो भी ये रक्षासूत्र बांधता है, वह हमेशा स्वस्थ्य रहता है और दीर्घायु होता है.
आजकल गर्लफ्रैंड और बायफ्रैंड के चलन पर भी कटाक्ष किया था और हर रोज लड़के बदलने वाली लड़कियों को प्रॉस्टीट्यूट कहकर सम्बोधित किया था.
भद्रा को लेकर आचार्य कमलकांत कुलकर्णी ने कहा कि इस साल 8 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से मध्य रात्रि 1 बजकर 52 मिनट पर भद्रा समाप्त हो रही है.
प्राचीन काल में महिष्मती नगरी में महीजित नाम का एक धर्मात्मा राजा शासन करता था. वह बहुत ही शांतिप्रिय, दानवीर और ज्ञानी थी.
इस दिन व्रत रखना भी अच्छा माना गया है. मान्यता है कि इस दिन व्रत-पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
इसकी वजह से ही उनका मन इस कदर टूट गया कि उन्होंने गांव ही छोड़ दिया.