बद्रीनाथ धाम में भगवान नारायण के दर्शन कर यात्रा पूरी होती है. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.
इस दिन पानी के घड़े, पंखे, खाँड के लड्डू, पादत्राण (जूते-चप्पल), छाता, जौ, गेहूँ, चावल, गौ, वस्त्र आदि का दान पुण्यदायी है। परंतु दान सुपात्र को ही देना चाहिए।
नेवला बोला-प्राचीन समय में खेतों से अन्न कण चुनकर निर्वाह करने वाला मुंगल नाम का एक ब्राह्मण था. एक समय उसके देश में अकाल पड़ा.
आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि इस दिन दिन गंगा स्नान और पूजन का बड़ा भारी माहात्म्य है, जो मनुष्य इस दिन गंगा में स्नान करता है, वह निश्चय ही सारे पापों से मुक्त हो जाता है।
ज्योतिषियों की मानें तो अक्षय तृतीया के दिन किसी को उधार न दें। आसान शब्दों में कहें तो किसी से लेन-देन न करें। इस दिन लेन-देन करने से मां लक्ष्मी दूसरे घर चली जाती हैं।
इस दिन रोहणी नक्षत्र के साथ ही पुंडरिक योग बन रहा है.
इस पर भालू कुछ देर तक तो राजा का पैर चबाता रहा और फिर राजा को घसीटकर पास के जंगल में ले गया.
इस दिन गुड़, शक्कर और ताजे फल आदि भी दान कर सकते हैं. इससे पितरों का आशीर्वाद मिलता है.
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने इस घटना को लेकर कहा कि गुना टेकरी सरकार हनुमान जी की भूमि है.
इस दिन घर की साफ-सफाई कर सुबह ही स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।