इसके अलावा इस दिन किसी की बुराई, परनिन्दा, चोरी, दूराचार, ब्राह्मणद्रोही, नास्तिक आदि की बातें नहीं करना चाहिए, अगर भूल से कोई गलती हो जाती है तो सूर्य के सामने स्थित होकर प्रार्थना करनी चाहिए.
एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते भी नहीं तोड़ने चाहिए. शास्त्रों में कहा गया है कि अगर आपको तुलसी के पत्ते चाहिए, तो एक दिन पहले ही तोड़ कर रख लें. मान्यता है कि भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल का होना जरूरी है.
रात में घर में झाड़ू नहीं लगानी चाहिए. माना जाता है कि झाड़ू माता लक्ष्मी का प्रतीक है. इसलिए सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना अशुभ होता है।
सभी नकारात्मक ऊर्जा को स्वयं ग्रहण कर आपकी सुरक्षा करती है।
आज सिविल कोर्ट संभल ने मेरी याचिका पर संभल में कथित जामी मस्जिद, जिसे हरि हर मंदिर के नाम से जाना जाता था.
मकर राशि के स्वामी शनि हैं और शनि भोलेनाथ को अपना आराध्य मानते हैं।
कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि पर भगवान विष्णु जी की पूजा के साथ ही भगवान शिव की पूजा का भी विधान है.
वैसे तो भगवान विष्णु को कमल का फूल और शिव जी को बेलपत्र पसंद है किंतु इस दिन की पूजा में आपको इस बात का ध्यान रखना है कि विष्णु जी को बेलपत्र और शिवजी को कमल का पुष्प एक साथ में ही चढ़ाएं.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने अयोध्या राम मंदिर के साथ ही कनाडा में भारतीय मूल के हिंदू सांसद चंद्र आर्य को भी धमकी देते हुए दिख रहा है.
शालिग्राम भगवान विष्णु के दूसरे स्वरूप हैं और तुलसी को लक्ष्मी के समान माना जाता है. इनकी कृपा से आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी.