करवा चौथ के त्योहार को लेकर हर सुहागिनों का मन उमंग से भरा होता है. इस त्योहार के कई दिन पहले से ही सुहागिनें खरीदारी शुरू कर देती हैं.
इसकी शुरुआत सरगी खाकर होती है. हालांकि कई जगहों व परिवारों में सरगी खाने की परम्परा नहीं देखी जाती है.
मीन राशि के स्वामी बृहस्पति देव हैं। बृहस्पति का शुभ रंग पीला होता है। ऐसे में आप अपनी पत्नी को पीले रंग के गिफ्ट दे सकते हैं।
इस पर ब्राह्मण कन्या ने ऐसा ही किया जिससे उसका पति जीवित हो उठा. इस तरह से ये कथा सुनाकर श्रीकृष्ण ने द्रौपदी से कहा कि यदि तुम भी इतनी ही श्रद्धा और विधि पूर्वक ये व्रत करोगी.
इस व्रत में सुहागिन महिलाएं चंद्रमा के दर्शन करने के बाद अर्घ्य देकर जल-भोजन ग्रहण करती हैं.
आपके घर में हो धन की बरसात,
लक्ष्मी जी हमेशा करती रहें वास।
माना जाता है कि इस रात सूई में धागा पिरोने का अभ्यास करने से नेत्रज्योति बढ़ती है।
शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा के साथ अश्विनी कुमारों को भी खीर का भोग लगाना चाहिए.
आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि, मान्यता है कि रासोत्सव का यह दिन वास्तव में भगवान श्रीकृष्ण ने जगत की भलाई के लिए निर्धारित किया था।
इस बार शरद पूर्णिमा को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है. कोई 16 तो कोई 17 अक्टूबर को पूर्णिमा होने की बात कह रहा है.