राम भक्तों को पीड़ित करने और प्रताड़ित करने का काम अखिलेश यादव ने किया है.
भाजपा नेता अपर्णा यादव उस समय लखनऊ में नहीं थीं. प्रतीक के निधन की खबर सुनने के बाद वह असम से लौटीं थीं.
प्रतीक के शरीर का रंग पूरी तरह से नीला पड़ चुका था और उनके शरीर का वजन काफी बढ़ गया था.
पीडीए कहा, वैसे ही बगल में बैठे उनके सहयोगी ने उन्हें कोहनी मारके टोका तो वो एनडीए बोले. कहा कि एनडीए की सरकार आएगी.
इसके अतिरिक्त जो स्कूल चल भी रहे हैं वहाँ भी भाजपा शिक्षा का काम चलने ही नहीं देना चाहती है.
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की शादी 2019 में हुई थी और इस दौरान मुलायम सिंह का परिवार काफी खुश था.
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सीतापुर को निलंबित किए जाने की खबर भ्रामक एवं असत्य है।
सिर पर सूजन और अन्य मामूली चोटें सामने आई है. जिला मजिस्ट्रेट ने तत्काल आरोपी प्रिसिंपल को सस्पेंड करने का आदेश जारी किया.
भाजपा और उनके संगी-साथियों और वाहिनीवादियों की सोच ही यही है कि झूठ बोलकर अपने लोगों को ठगो।
मौलाना द्वारा सपा सांसद डिंपल यादव पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिसके बाद से ही सपा कार्यकर्ता उनसे नाराज चल रहे थे