बिना किसी दिखावे और बिना दान-दहेज के मर्यादा के साथ दोनों कन्याओं का पाणिग्रहण संस्कार वैदिक रीति से कराया गया.
आजाद जैसे भारतीय क्रांतिकारियों के महान नायक की याद को बनाए रखने एवं उनके आदर्शों को बनाए रखने के लिए जरूरी है.
4500 आध्यात्मिक एवं सेवा संगठनों के कार्यों को प्रदर्शनी के रूप में दिखाया गया है।
अपने भाषणों से देश के लिए सर्वस्व निछावर करने के लिए सन् 1918 ई. के दौरान उन्होंने महिला मताधिकार आंदोलन का सूत्रपात किया.
आस्था सिंह के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें वह कहती दिख रही हैं कि जिसके साथ उनकी बहस हुई वह ग्राहक नहीं था बल्कि महिला बैंक कर्मी के पति थे.
इसी जातिवाद और ठोकवाद, गालीबाजी और आपराधिक मानसिकता के जनक हैं मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी.
यदा कदा मां गंगा में गंदगी गिरने के समाचार अखबारों में प्रकाशित होते हैं.
सर्वेश कुमार पांडे निन्नी ने बच्चों को जलेबी, मिष्ठान आदि का वितरण किया और अमर शहीदों के चित्रों पर माल्यार्पण किया।
हम चींटी नहीं मारते , हम बकरी नहीं मारते…लेकिन इस शरीर में कोख में पल रही बेटियों को चुन-चुन के मारते हैं!
मध्य प्रदेश (सागर) के न्यायाधीश व लेखक अनिल वर्मा की राजगुरु पर लिखी किताब में निन्नी पांडेय को स्थान दिया गया है.