बिना किसी दिखावे और बिना दान-दहेज के मर्यादा के साथ दोनों कन्याओं का पाणिग्रहण संस्कार वैदिक रीति से कराया गया.

सर्वेश कुमार पांडे निन्नी ने बच्चों को जलेबी, मिष्ठान आदि का वितरण किया और अमर शहीदों के चित्रों पर माल्यार्पण किया।

हम चींटी नहीं मारते , हम बकरी नहीं मारते…लेकिन इस शरीर में कोख में पल रही बेटियों को चुन-चुन के मारते हैं!