उनके परिवार वालों के मन में कितनी श्रद्धा रहती है. फिलहाल ये जानकारी सामने नहीं आ सकी है कि ये किस सरकारी स्कूल का वीडियो है.

वन विभाग की टीम थाने पहुंची और मगरमच्छ को कब्जे में लेकर आवश्यक जांच और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे सुरक्षित रूप से कोसी नदी में छोड़ दिया गया.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुत्तों के हमले से बच्ची के चेहरे, गर्दन के साथ ही हाथ और पैरों पर गंभीर चोटें आईं हैं.

प्रदूषण को खत्म करने के लिए पौधरोपण जरूरी है. इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश पर ही इस अभियान की शुरुआत की गई है.