इसी जातिवाद और ठोकवाद, गालीबाजी और आपराधिक मानसिकता के जनक हैं मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी.
यदा कदा मां गंगा में गंदगी गिरने के समाचार अखबारों में प्रकाशित होते हैं.
सर्वेश कुमार पांडे निन्नी ने बच्चों को जलेबी, मिष्ठान आदि का वितरण किया और अमर शहीदों के चित्रों पर माल्यार्पण किया।
हम चींटी नहीं मारते , हम बकरी नहीं मारते…लेकिन इस शरीर में कोख में पल रही बेटियों को चुन-चुन के मारते हैं!
मध्य प्रदेश (सागर) के न्यायाधीश व लेखक अनिल वर्मा की राजगुरु पर लिखी किताब में निन्नी पांडेय को स्थान दिया गया है.
विदेशी हुकूमत के विरुद्ध प्रवासी भारतीयों में देश प्रेम का जज्बा पैदा किया और अपने आंदोलन से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया था।
वीरांगना का शौर्य, साहस और बलिदान आज की नारियों में देशभक्ति की चेतना जागृत कर अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग प्रशस्त करेगा।
अपने निवास पर देश के प्रसिद्ध क्रांतिकारियों की गुप्त बैठकें आयोजित कर अंग्रेज विरोधी योजनाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अन्नमयकोश से वृद्धि, बल, लोच, कुशलता, निरामयता, तितिक्षा जैसे गुणों का विकास होता है और माना जाता है कि हम जैसा भोजन करते हैं वैसा ही हमारा मन होता है.
शिक्षा निदेशक डॉ. महेन्द्र देव के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन प्रेषित किया गया है।