मध्य प्रदेश (सागर) के न्यायाधीश व लेखक अनिल वर्मा की राजगुरु पर लिखी किताब में निन्नी पांडेय को स्थान दिया गया है.
विदेशी हुकूमत के विरुद्ध प्रवासी भारतीयों में देश प्रेम का जज्बा पैदा किया और अपने आंदोलन से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया था।
वीरांगना का शौर्य, साहस और बलिदान आज की नारियों में देशभक्ति की चेतना जागृत कर अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग प्रशस्त करेगा।
अपने निवास पर देश के प्रसिद्ध क्रांतिकारियों की गुप्त बैठकें आयोजित कर अंग्रेज विरोधी योजनाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अन्नमयकोश से वृद्धि, बल, लोच, कुशलता, निरामयता, तितिक्षा जैसे गुणों का विकास होता है और माना जाता है कि हम जैसा भोजन करते हैं वैसा ही हमारा मन होता है.
शिक्षा निदेशक डॉ. महेन्द्र देव के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन प्रेषित किया गया है।
मनोमय कोश मन, भावनाओं और संस्कारों का क्षेत्र है। प्रेम, करुणा, क्रोध, भय और आशा—इन सभी का उद्गम यहीं है। यदि यह कोश असंतुलित हो जाए.
हाथ में खून से सनी मिट्टी लेकर जनरल डायर को मारने का संकल्प लिया था. इस संकल्प को उन्होंने 21 वर्ष बाद पूरा किया.
ऐसे महान देशभक्त की प्रतिमा सांसद हाल में लगाए जाने की उन्होंने माँग की।
विद्यालय के छात्रों/छात्राओं एवम व्यावसायिक शिक्षकों सहित समस्त शिक्षक वर्ग की सुरक्षा, सम्मान एवं सेवा हितों की रक्षा सुनिश्चित नही हो पा रही है.