रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि जितनों के पास काम है, उनमें से 46% के खेती-बाड़ी से जुड़े हैं. इसके बाद 12.2% लोग ट्रेड, होटल या रेस्टोरेंट से जुड़े थे. तो दूसरी ओर 12% लोग कंस्ट्रक्शन से और 11.4% मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में काम कर रहे हैं.

बीरबल साहनी जीवाश्म विज्ञान संस्थान और वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एमजी ठक्कर ने भूविज्ञान विभाग की प्रतिष्ठा को सराहा।