उनका तर्पण स्वीकार करने के बाद इस दिन गंगा समुद्र में जाकर मिल गई थी. इसलिए मकर संक्रांति पर गंगा सागर में मेला लगता है.
धनु राशि- जल में हल्दी, केसर, पीले पुष्प मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें व गुड़ दान करें।
एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।
अनुकम्पय मां देवी गृहाणार्घ्यं दिवाकर।।
उनकी कृपा से व्यक्ति के यश, सौभाग्य, सुख-समृद्धि और प्रभाव में वृद्धि होती हैं।
पौराणिक कथा के मुताबिक मान्यता है कि भगवान सूर्यदेव सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर लगातार ब्रह्मांड की परिक्रमा करते हैं.
मकर संक्रांति का दिन नेपाल सहित दुनिया के तमाम हिस्सों के बाशिंदों के लिए दुख भरा रहा। क्योंकि कई देशों…
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी देख रहे थे कि उनमें से कौन जीवत है तो उन्होंने पाया कि उनमें से एक सिक्ख जिनका नाम महां सिंह था.
न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि भारत के अन्य हिस्सों में भी चाइनीज मांझा से पतंग उड़ाने से मार्ग दुर्घटनाओं के…