ये तो हम जानते ही हैं कि जलेबी को बनाने के लिए मैदा का इस्तेमाल होता है और फिर इसे शक्कर यानी चीनी की चाशनी में डुबाया जाता है.
अगर आप पहले से स्मोकिंग करते हैं तो धीरे-धीरे इसे बंद करने का प्रयास करें.
इस साल मई में ही अधितकम तापमान 40.6 डिग्री तक पहुंच गया है. ऐसे में मौसम विभाग ने आने वाले नौतपा को लेकर कहा है कि इन दिनों में और भी भीषण गर्मी के आसार हैं.
आयरन की गोलियां सेवन करने के लिए भी निःशुल्क दी जा रही हैं.
इस पूरे मामले में खाद्य विभाग के अधिकारी संजय प्रताप सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि जिस स्थान पर आटा गूंथा जा रहा था, वहां नाली तो नहीं थी लेकिन गंदे पानी के उपयोग की बात गलत नहीं लग रही.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सैलून में कई तरह के इन्फेक्शन और बीमारियों का खतरा रहता है.
महाराज जी राधा रानी के नाम जप करने की बात कहते हैं. इसी के साथ ही वह युवाओं को सही मार्ग बताते हैं.
अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ था तो संत प्रेमानंद महाराज ने दोबारा पदयात्रा शुरू की थी.
तो वहीं इससे बचने के लिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि अगर कुछ लक्षणों को लेकर सावधानी बरती जाए और तुरंत डॉक्टर के पास चले जाएं तो कोई बड़ी घटना होने से पहले ही उसे टाला जा सकता है.
सोंठ का उपयोग हर्बल चाय और आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में किया जाता है.