ये तो हम जानते ही हैं कि जलेबी को बनाने के लिए मैदा का इस्तेमाल होता है और फिर इसे शक्कर यानी चीनी की चाशनी में डुबाया जाता है.

इस साल मई में ही अधितकम तापमान 40.6 डिग्री तक पहुंच गया है. ऐसे में मौसम विभाग ने आने वाले नौतपा को लेकर कहा है कि इन दिनों में और भी भीषण गर्मी के आसार हैं.

इस पूरे मामले में खाद्य विभाग के अधिकारी संजय प्रताप सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि जिस स्थान पर आटा गूंथा जा रहा था, वहां नाली तो नहीं थी लेकिन गंदे पानी के उपयोग की बात गलत नहीं लग रही.

तो वहीं इससे बचने के लिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि अगर कुछ लक्षणों को लेकर सावधानी बरती जाए और तुरंत डॉक्टर के पास चले जाएं तो कोई बड़ी घटना होने से पहले ही उसे टाला जा सकता है.