उनके इस साहसपूर्ण कार्य की सदैव प्रशंसा की जाएगी. आज आवश्यकता है कि पटेल जी के त्यागमय जीवन और कार्यों से प्रेरणा ली जाए.
अधिवेशन में शैक्षिक संगोष्ठी का विषय सुचितापूर्ण नकल विहीन परीक्षा एवं मूल्यांकन है, जो अत्यन्त समीचीन और गम्भीर है।
इस तरह से उन्होंने आजादी के आन्दोलन से भारतीयों को जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया.
नसबंदी की सेवा अपनाने वाले पुरुष को 3000 रुपये तथा प्रेरक को प्रति लाभार्थी 400 रूपये मिलते हैं. पुरुष नसबंदी, महिला नसबंदी की अपेक्षा काफी आसान है.
मैं धरती की पुजारिन हूं.
नहीं चाहिए कोई फरेबी रिश्ते मैं इस मिट्टी की दुलारन हूं.”
दुनिया में उपस्थित सभी धर्म माता-पिता के लिए ऐसा ही भाव रखते हैं।
हिंदू आध्यात्मिक एवम सेवा संस्थान कानपुर नगर के अध्यक्ष संजीव दीक्षित ने बताया कि “आज अतिथि सत्कार की भावना लगभग समाप्त हो चुकी है.
एसीपी कैंट ने पीड़ित बच्ची के परिजनों से बात की और फिर उनके निर्देश पर पीड़ित बच्ची को तत्काल मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भिजवाया गया.
कार्यशाला में उत्कृष्ट सांस्कृतिक, पारिवारिक एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित वीडियो क्लिप दिखाई गई।
इसकी वजह से ही उनका मन इस कदर टूट गया कि उन्होंने गांव ही छोड़ दिया.